Pawan Kalyan News: पुलिस ने जनसभा करने की नहीं दी अनुमति

गांधी जयंती के अवसर पर जन सेना पार्टी ने योजना बनाई थी कि Pawan Kalyan राजामहेंद्रवरम के बालाजीपेट में सड़क की मरम्मत के बाद एक जनसभा को संबोधित करेंगे. मगर पुलिस विभाग द्वारा उन्हें जनसभा की अनुमति नहीं दी गई. वहीं अब जन ​​सेना ने सड़क की मरम्मत के काम को आगे बढ़ाने का फैसला किया है. आपकी जानकारी के लिए बता दें, कि Pawan Kalyan ने राज्य में सड़कों की दयनीय स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए, सड़कों के गड्ढों को ठीक करने की योजना बनाई थी.

जन सेना पार्टी ने शुरू में राजामहेंद्रवरम के डोवलेश्वरम में सर आर्थर कॉटन बैराज की मरम्मत का फैसला किया था. इस पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने तकनीकी कारणों से Pawan Kalyan और उनकी टीम को बैराज जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया. सिंचाई अधिकारियों ने बताया कि, कॉटन बैराज रोड राष्ट्रीय राजमार्ग, सड़क एवं भवन विभाग या पंचायत राज सीमा के अंतर्गत नहीं आता. उन्होंने कहा है कि, अगर बैराज पर बड़ी संख्या में लोग जमा होते हैं, तो इससे उसे नुकसान हो सकता है. यह केवल गोदावरी नदी पर बने बैराज के संरक्षण और रखरखाव के लिए है. अधिकारियों ने कहा कि, “बैराज पुल आंदोलन और जनसभा करने के लिए नहीं है. यह केवल गोदावरी नदी के बैराज की रक्षा और रखरखाव के लिए है और केवल किसानों को ही पुल पर जाने की अनुमति है.” 

जानकारी के लिए बता दें, कि अनुमति से इनकार के बाद जन सेना पार्टी ने अपना स्थान बदल दिया था. उन्होंने नए स्थान के तौर पर बालाजीपेट रोड को चुना था, जो कि दयनीय स्थिति में है. हालांकि, पता चला है कि पुलिस ने पार्टी कार्यकर्ताओं को इस सड़क पर भी मरम्मत कार्य करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया. इस पर जन सेना पार्टी के पूर्वी गोदावरी ज़िला अध्यक्ष कांडुला दुर्गेश ने एक बयान दिया है. अपने बयान में उन्होंने कहा कि, “शुरू में वे बैराज में मरम्मत कार्य करना चाहते थे, लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने तकनीकी मुद्दों का हवाला देते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया. इसके बाद, जेएसपी कार्यकर्ताओं ने बालाजीपेट में सड़क मरम्मत कार्य शुरू करने की योजना बनाई थी. लेकिन यहां भी पुलिस ने उन्हें अनुमति देने से इनकार कर दिया.” 

बोम्मुरु सर्कल इंस्पेक्टर लक्ष्मण रेड्डी ने कहा कि, “हम अनुमति नहीं दे सकते, क्योंकि जेएसपी कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में दोपहिया और चार पहिया वाहनों में जाने की योजना बनाई थी. इसके अलावा, वह क्षेत्र इतनी बड़ी संख्या में लोगों को समायोजित नहीं कर सकता है. यहां पार्किंग के लिए भी पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है.” पूर्वी क्षेत्र के डीएसपी रवि कुमार ने कहा कि, “इतनी बड़ी संख्या में लोगों के लिए पर्याप्त जगह की कमी को देखते हुए हमने जन सेना को जनसभा की अनुमति नहीं दी.” उन्होंने यह भी कहा कि, “महामारी अभी कम नहीं हुई है, यदि वे सभागार या समारोह हॉल जैसा कोई वैकल्पिक स्थान चुनते हैं, तो हम निश्चित रूप से व्यवहार्यता पर गौर करेंगे और उन्हें बैठक आयोजित करने की अनुमति देंगे.” 

जानिए कैसा रहा Pawan Kalyan का राजनीतिक सफर 

कई अन्य तेलुगु फिल्म हस्तियों की तरह, Pawan Kalyan ने साल 2014 में जन सेना पार्टी की शुरुआत करते हुए राजनीति में प्रवेश की घोषणा की. आंध्र प्रदेश में राजनीति वस्तुतः दो जातियों, रेड्डी और कम्मा के इर्द-गिर्द घूमती है. Pawan Kalyan जो एक कृषि प्रधान जाति से हैं, इन्होंने अपनी सामाजिक और वैचारिक समझ के माध्यम से राजनीतिक परिदृश्य को बदलने की कोशिश की. आपको बता दें, कि जन सेना पार्टी का गठन साल 2014 में हुआ था. मगर उन्होंने उस साल का राज्य या लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा और बिना किसी शर्त के बीजेपी-टीडीपी गठबंधन का समर्थन किया. फिर साल 2019 के चुनावों में उन्होंने बसपा और वामपंथ के साथ गठबंधन किया. 

जन सेना पार्टी का चुनाव प्रचार मुख्य रूप से Pawan Kalyan के इर्द-गिर्द केंद्रित था. उन्होंने दोनों विधानसभा सीटों (Gajuwaka और Bhimavaram) पर चुनाव लड़ा, जो निर्वाचन क्षेत्र कापू जाति के गढ़ हैं. लेकिन उनकी पार्टी आंध्र प्रदेश विधानसभा की 175 सीटों में से सिर्फ एक सीट ही जीत सकी. 

हाल ही में बने सुर्खियों का हिस्सा 

Pawan Kalyan अपने भांजे Sai Dharam Tej की नई राजनीतिक थ्रिलर फिल्म ‘Republic’ के प्री-रिलीज़ इवेंट पहुंचे. इस इवेंट में Pawan Kalyan ने आंध्र प्रदेश सरकार को खरी-खोटी सुनाई. उन्होंने कहा कि, “राज्य की सरकार तेलुगू सिनेमा को अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश कर रही है. जो भी ऐक्टर या फिल्ममेकर इस मामले पर सरकार के खिलाफ बात कर रहे हैं, उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है.”

इस बयान से तेलुगू फिल्मों के मशहूर निर्देशक और ऐक्टर रहे पोसानी कृष्ण मुरली ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. उन्‍होंने कहा कि, वह Pawan Kalyan की हर बात से सहमत हैं और पवन सही कहे रहे हैं. लेकिन उनका तरीका सही नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि, “आप अपने फिल्मी डायलॉग्स की मदद से यह जताने की कोशिश करते हैं कि, आप महिलाओं का बहुत सम्मान करते हैं. हम आपको एक काम देते हैं, आप वह कर दीजिए. पंजाब की एक लड़की ढेरों सपने लेकर तेलुगू फिल्म इंडस्ट्री में आई थी, वह हीरोइन बनना चाहती थी. इंडस्ट्री के एक जाने-माने शख्स ने उससे वादा किया था कि, वह उसका करियर बनाने में मदद करेगा. मगर उस आदमी ने उस लड़की के साथ समय बिताया और उसे गर्भवती कर दिया. फिर ज़ोर-ज़बरदस्ती करके उसका अबॉर्शन भी करवा दिया.” पोसानी ने इस पूरी बातचीत में नाम नहीं लिया कि वह किसकी बात कर रहे हैं. इसलिए अब लोगों को लग रहा है कि, पोसानी ने अपने बयान में Pawan Kalyan के बारे में ही बात की है. इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर #JusticeForPunjabiGirl खूब ट्रेंड हो रहा है. 

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